साँप के डसने मृत महिला को जीवित करने ओझा ने की सरकारी अस्पताल में मृतका की झाड़-फूँक !

मुर्शिदाबाद : तालाब में डूबने से मृत 2 बच्चों को जीवित करने लिए उन्हें तालाब में डूबोकर ओझा ने घंटों झाड़-फूँक की। अंधविश्‍वास में डूबी यह घटना दक्षिण 24 परगना जिले के जीवनतला थानांतर्गत मटेरदिघी गाँव में रविवार को देखने को मिली थी। अब ऐसी ही घटना मुर्शिदाबाद में एक सरकारी अस्पताल में घटी। जहाँ साँप के डसने से हुई मृत एक महिला को जीवित करने के लिए ओझा ने सरकारी अस्पताल में भी मृतका की झाड़-फूँक की लेकिन ओझा की झाड़फूँक बेकार साबित हुई। अंततः प्रशासन की मदद से मृतका के परिजनों के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना संभव हुआ। मृतका का नाम कुसुम घोष (21) है। साँप डसने की घटना भरतपुर थानांतर्गत मधुपुर में हुई। मधुपुर कुसुम का माइके है। सूत्रों के अनुसार बड़ंचा थानांतर्गत हस्तीनापुर का निवासी सोमनाथ घोष से करीब डेढ़ साल पहले कुसुम घोष की शादी हुई थी। रविवार को कुसुम अपने मायके गयी थी। जहाँ शाम को उसे एक साँप ने डस लिया था। साँप का जहर उतारने के लिए पर एक ओझा को घर पर बुलाया गया। कुसुम की झाड़फूँक करने के बाद ओझा ने कहा कि झाड़फूँक से जहर उतर गया है। अब डरने की कोई बात नहीं है। इसके कुछ देर बाद कुसुम उल्टी करने लगी। परिवार के लोगों ने उसे बीती रात करीब 8 बजे कांदी महकमा अस्पताल ले जाया गया। जहाँ इलाज के दौरान रात करीब साड़े 10 बजे कुसुम की मौत हो गयी। अस्पताल में 6 घंटे तक निगरानी में रखने के बाद मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के मुर्दा घर में भेजा गया। सोमवार की दोपहर शव को पोस्टमार्टम के लिए कांदी महकमा अस्पताल के मुर्दा घर में लाया गया लेकिन मृतका के परिवार के परिजनों को यह विश्‍वास हुआ कि ओझा की झाड़फूँक व तंत्रमंत्र से कुसुम फिर जीवित हो जाएगी। इस उम्मीद पर परिजनों ने महीदुल शेख नामक एक ओझा को अस्पताल परिसर में ले आया। कांदी थानांर्तगत हिजल का निवासी ओझा ने अस्पताल परिसर में ही कुसुम के शव की लगभग आधे घंटे तक झाड़फूँक की। ओझा की लाख झाड़फूँक के बाद भी कुसुम जीवित नहीं हुई। इस घटना की खबर मिलने के बदा कांदी के महाकमा शासक ने एक प्रतिनिधि दल को अस्पताल भेजा। ओझा और मृतका के परिजनों से प्रतिनिधि दल ने बातें कर उन्हें यह समझाने की कोशिश की गयी कि झाड़फूँक से मृतका को जीवित नहीं किया जा सकता है। अंततः मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच मौके देखर कर ओझा अस्पताल परिसर से गायब हो गया। इस घटना में मृत कुसुम का एक बच्चा भी है। साँप के डसने के बाद दो महीने के बच्चे ने अपनी माँ कुसुम का दूध पी लिया था। इस वजह से बच्चे के शरीर में भी जहर फैल गया है। उसे इलाजे के लिए कांदी महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना पर भारतीय विज्ञान व युक्तिवादी समिति के अध्यक्ष प्रबीर घोष ने कहा कि साँप के डसे मरीज का एवीएस देना अत्यंत जरूरी है। स्नेक बाइट प्रतिरोधी दवा एवीएस (एंटी वेनम सीरम) है। साथ ही मरीज का जितना जल्द हो सके अस्पताल में इलाज शुरू करने चाहिए। झाड़फूँक या तंत्रमंत्र से किसी भी रोग का इलाज संभव नहीं है। ओझा द्वारा मृतका की झाड़फूँक कर उसे जीवित करना भी असंभव है। इसके बाद भी यदि किसी ओझा ने साँप के डसे किसी मरीज का झाड़फूँक या तंत्रमंत्र से इलाज करने की कोशिश तक करता है तो ओझा के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट, 1940 के तहत कार्रवाई कर उसे तुरंत गिरफ्तार कर लेना चाहिए। कांदी अस्पताल के अधीक्षक मिहेंद्र माड्डी ने कहा कि घटना की जाँच की जाएगी। कांदी महकमा शासक अज्ञीक सरकार ने कहा कि अस्पताल परिसर में झाड़फूँक जैसी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। (युवाशक्ति : कोलकाता : मंगलवार-26-जून-2018)

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